प्रिय साथियों, 

  तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी ,इस कारण हम यह पोस्ट थोड़ी देर से कर पा रहे हैं। आप सब की शुभकामनाएं मिलीं ,इसके लिये कृतज्ञता प्रकट करके यह भाव कम नहीं करना चाहते। 

बस यही समझिये कि यही प्रेमधन सबकुछ है। आपका भरोसा ही शक्ति है , आपका स्नेह ही संबल है। नियति के लिखे में आपके हिस्से हम और हमारे हिस्से आप हैं। 

माई , महादेव,महाबली और मनुहारते ,दुलारते सभी स्वजन ही सुंदरता के श्रेय के अधिकारी हैं ,हर उत्सव के कारण हैं और इस स्वस्तिभाव का लय इसी स्रोत से है।

नेह-छोह बना रहे। प्लेटफार्म कोई भी हो, या नितांत एकांत हो ,इससे उपजी सात्विक प्रसन्नता पर स्थापित अधिकार आपका है।


               आकृति